कर लिया मैंनें सोलह श्रृंगार

कर लिया मैंने सोलह श्रृंगार
आजा पिया बन के बहार |
होकर बैठी हूँ मैं तैयार
आजा पिया……………..

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रूप देखते ही रह गया बन्ना

रूप देखते ही रह गया बन्ना 2
कि बन्नी से नज़र ज्यों मिली 2
हाय रामा

बोला शादी मैं करूंगा तुम्हीं से?
कि घोड़ा चढ़कर आ गया 2
हाय रामा

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मैं बावरी जोगन बन गई

मैं बावरी जोगन बन गई
पिया तुम्हारी प्रीत में

सुध-बुध अपना खो गई मैं
मन से तेरी हो गई मैं
हार कर भी दिल अपना मैं
खुश हूँ तेरी जीत में
मैं बावरी जोगन……………..

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मत खा सइयाँ पान

मत खा सइयाँ पान
मैंने चाहा की पथ पर
बिछे रहें प्रसून
लेकिन पान का पीत बिखर कर
लगते जैसे खून
आस पास के माहौल का
रखो ज़रा सा ध्यान
मत खा…………………

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उड़ाऊँगी गुलाल रे सखी

मैं तो पहनूंगी चूनर लाल
उड़ाऊँगी गुलाल रे सखी

नयनो में कर काले काजल
और पाँव में लाल महावर
काले रंग से रंगूगी मैं तो बाल
उड़ाउंगी गुलाल रे सखी

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