वादा करती हूँ तुझसे

वादा करती हूँ तुझसे निभाया करूंगी,
रोज सपनों में तेरे मैं आया करूंगी |

मैं अपनी कहूंगी और तेरी सुनूंगी,
यूँ ही दिल अपना बहलाया करूंगी |

पढ़ना जारी रखें “वादा करती हूँ तुझसे”

पहली बार

पहली बार उनका आना मुझे याद है सखी |
खट से कुंडी खटखटाना मुझे याद है सखी |

खोली दरवाजा तो सामने वे मिले,
नज़रों का टकराना मुझे याद है सखी ||

पढ़ना जारी रखें “पहली बार”

महसूस करती हूँ

महसूस करती हूँ तुम्हें कितना कि तुमसे क्या कहूँ |
पड़ न जाये शब्द कहीं कम मैनें न सोचा कहूँ |

लिखकर उर के पन्नों पर अधरो को मैने सी लिया,
तुम तो समझते हो मुझे मैं न कहूँ या हाँ कहूँ!

पढ़ना जारी रखें “महसूस करती हूँ”

बिदाई की घड़ियाँ

जब भी याद आतीं बिदाई की घड़ियाँ |
भर आतीं हैं मेरी आँसू से अँखियाँ ||

बीता था बचपन जिस आँगन में मेरा |
कैसे भूल जाऊँ वो नैहर की गलियाँ |

पढ़ना जारी रखें “बिदाई की घड़ियाँ”

आज उजड़े चमन में

मेरे उजड़े चमन में बहार आ गई ,
कविताएँ मेरे संग इतरा गई |

सोचा भी न था कि वे मिलेंगे कभी,
देखकर उनको मैं थोड़ा घबरा गई |

पढ़ना जारी रखें “आज उजड़े चमन में”

मेरे दिल के तार

मेरे दिल के तार तुमसे जुड़ गये न जाने कैसे ,
हुआ प्रेम मुझको चुपके – चुपके न जाने कैसे |

पढ़ना जारी रखें “मेरे दिल के तार”