दर्द पी लूंगी आहें भरूंगी नहीं,

दर्द पी लूंगी आहें भरूंगी नहीं,
जिंदगी से शिकायत करूंगी नहीं |

दूर रह कर भी खुश हो अगर मुझसे तुम,
लौट आने को फिर मैं कहूँगी नहीं

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झूठी हो गर दुआएँ

झूठी हो गर दुआएँ तो फलतीं नहीं ,
पानी खारा हो तो दाल गलती नहीं |

सतह पर नमी हो अगर रगड़ो कितना ,
तिल्लियाँ भी माचिस की जलतीं नहीं |

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मैंने की है खता तो

मैंने की है खता तो सजा दीजिए
जिस्म से जान पर न जुदा कीजिये

प्यार करती हूँ मैं भी बहुत आप से
प्यार की जीत हो ये दुआ कीजिए

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दिखता तू ही तू है

कभी सूरज कभी चन्द्रमा की तरह,
दिखता तू ही तू है खुदा की तरह |

उठी नज़रें मेरी जब भी जिस तरफ़ ,
तुझे पाया वहाँ कान्हा की तरह |

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टूट गई तंद्रा

टूट गई तंद्रा जो पग थाप से ,
हृदय का है नाता मेरा आपसे |

रुकी जो थीं सांसें फिर चलने लगीं,
सजन आपके नाम के जाप से |

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