उम्र हो चाहे कोई भी

उम्र हो चाहे कोई भी प्यार करना लाजिमी है |

प्यार से ही प्यार में तकरार करना लाजिमी है।।

पढ़ना जारी रखें “उम्र हो चाहे कोई भी”

सर पटकने से पत्थर पिघलता नहीं।

सर पटकने से पत्थर पिघलता नहीं।
लिखा किस्मत का टाले से टलता नहीं।।

लग गया हो अगर इश्क का रोग तो,
लाख कर लो जतन दिल बहलता नहीं।

पढ़ना जारी रखें “सर पटकने से पत्थर पिघलता नहीं।”

बहुत करती हूँ मैं तुमसे प्यार,

बहुत करती हूँ मैं तुमसे प्यार,
सुनो सच कहती हूँ मैं |
लो मैं करती हूँ सच स्वीकार,
कि तुमपर ही मरती हूँ मैं |

पढ़ना जारी रखें “बहुत करती हूँ मैं तुमसे प्यार,”

सुनो सूरज कि मैं हूँ तुम्हारी किरण,

प्यार तुमसे हमेशा मैं करती रही हूँ

तुमपर जी – जी कर तुम पर ही मरती रही हूँ

हो तपन या कि चलती हो शीत लहर,

तुम उगे तो खुशी से मैं खिलती रही हूँ |

पढ़ना जारी रखें “सुनो सूरज कि मैं हूँ तुम्हारी किरण,”