माँ बच्चों का प्यार

चुन – चुन दाना चोंच में , लाती बारम्बार |
देख अचम्भित मैं हुई ,माँ बच्चों का प्यार |
माँ बच्चों का प्यार , देखकर मैंने सच्चा |
सीखा गुण दो चार, लगा जो मुझको अच्छा |
कहे किरण कर यत्न ,सोचती क्यों घबराना |
गौरैया हर बार , खिलाती चुन – चुन दाना ||