जय माँ


ईशाना , सत्या , शिवा , नित्या दुर्गा नाम |
सर्व मंगला अम्बिका,शत् शत् तुम्हें प्रणाम ||
वाम हस्त शोभित कमल , दाएँ हाथ त्रिशूल |
शैलपुत्री वृष वाहिनी , क्षमा करो माँ भूल ||


नौ दुर्गा नव शक्ति का , द्वितीय भव्य स्वरूप |
तपश्चारिणी रूपिणी , ज्योतिर्मयी अनूप ||
मस्तक शोभित चन्द्रमा, शस्त्र सुशोभित हाथ |
उद्यत मुद्रा युद्ध को ,सिंह सवारी साथ ||
आदि स्वरूपा शक्ति की, करो किरण गुणगान |
कांति प्रभा हर अंग का , जिनका सूर्य समान ||
स्कंद मातु वर दे हमें , कर पूजन स्वीकार |
राग द्वेष से मुक्त कर, खोल मोक्ष के द्वार ||
छठा रूप कात्यायनी , भुजा मातु के चार |
दायें मुद्रा है वरद , वाम हस्त तलवार ||
रौद्री काली भैरवी, देतीं अभया दान |
भक्तों को अपने सदा , शुभ फल करें प्रदान ||
बायें हाथ त्रिशूल है , दायें अभया दान |
गौरी श्वेताम्बरधरा , तू है शक्ति महान ||
सिद्धिदात्री शक्ति जिन्हें , देती वर पर्याप्त |

विजय वही ब्रम्हाण्ड पर ,कर लेता है प्राप्त ||

नव दुर्गा नव रूप की , कर पूजन श्रृंगार |
करे सिद्धिदात्री सभी,सपनो को साकार ||

हे देवी अपराजिता , माँग करो स्वीकार |
अच्छाई जीते सदा, जाय बुराई हार ||

6 विचार “जय माँ&rdquo पर;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s