लटके झटके

लटके, झटके दे रहे, तोड़ रहे हैं तान।
तरह-तरह के यत्न कर, खींच रहे हैं ध्यान।

खींच रहे हैं ध्यान, ओर अपनी हर नेता।
करके स्वयं बखान, स्वयं को कहे विजेता।

नेताओं का कृत्य , किरण आँखों में खटके ।
माँग रहे हैं वोट , दे रहें लटके – झटके।।

लटके झटके&rdquo पर एक विचार;

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