प्रेम और इज्ज़त

साहित्य की दुनिया में एक बेहद प्यारा नाम है- किरण सिंह जी का,
स्वभाव से मिलनसार, देखने में सरस्वती, मधुर लेखनी की स्वामिनी के करकमलों द्वारा उनकी तीन पुस्तकें उपहार के रूप में मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है| पुस्तक मिलते ही सोचा था कि पढ़कर जल्द ही उनपर लिखूँगी| किन्तु अति व्यस्तता के कारण लिख नहीं पायी| इसके लिए मैं किरण जी से क्षमाप्रार्थी हूँ| किन्तु कहते हैं कि विलम्ब हुआ तो एक प्रिय दिन सामने आया, पुस्तक दिवस का…तो बडी ही प्रसन्नता से लिख रही हूँ| उनकी तीन पुस्तकें, प्रीत की पाती (कविता संग्रह), अन्तः के स्वर( दोहा संग्रह) एवं प्रेम और इज्ज़त(कहानी संग्रह) मेरे पास हैं जिसमें मैं कहानी संग्रह के बारे में लिखूँगी|

पुस्तक की भूमिका@चंद्रप्रभा सूद जी ने लिखी है| सर्वप्रथम पुस्तक के मुखपृष्ठ पर छायांकित चित्र शाशवत प्रेम के प्रतीक राधा कृष्ण का आभास देता है| रंग भी आकर्षक है| साज सज्जा प्रकाशक की उत्कृष्टता के अनुकूल है| इसमें कुल बाइस कहानियाँ हैं और सभी कहानियों को पढ़ते हुए उस पात्र को स्वयं के नज़दीक पाना लेखिका की कहानियों की सफलता है| प्रथम कहानी का शीर्षक ‘प्रेम और इज़्ज़त’ है जो कि पुस्तक का नाम है| सदियों की कथा है कि कभी इज़्ज़त के कारण प्रेम का बलिदान हुआ और कभी प्रेम के कारण इज़्ज़त का| लेखिका ने दो पीढिँयों के इसी कशमकश को बड़ी खूबसूरती से उकेरा है| कहानी में प्रवाह है और आगे पढ़ते जाने की जिज्ञासा सहज ही जगती जाती है|
कई परम्पराएँ रिश्तों की महक बचाकर रखती हैं, उसी तथ्य को उजागर करती दूसरी कहानी ‘सुहागचिन्ह के चमत्कार’ बहुत अच्छी बन पड़ी है| ‘कल्पना के राजकुमार’ कहनी आभासी दुनिया और यथार्थ का सामंजस्य है| नायिका ने यथ्र्थ को ही महत्व दिया, यह कहानी का सुन्दर पहलू है| कहानी ‘यकीन’ मानव स्वभाव को चित्रित करने में पूरी तरह सफल है| बहन की मृत्यु के बाद घटे घटनाक्रम में बहनोई द्वारा मनाए गए उत्सव के दौरान छोटी बहन की सोच स्वाभाविक रूप से परिलक्षित हो रही है| कहानी ‘बड़की बहन’ मर्मस्पर्शी है|
इसी तरह लेखिका ने आसपास के परिवेश से ली गई घटनाओं पर अच्छी कहानियाँ रची है| बाकी कहानियाँ पढ़ने के लिए पाठकगण पुस्तक मँगवाकर पढ़ें तो सराहे बिना नहीं रह पाएँगे|
सुझाव के रूप में बस यहीं कहना चाहूँगी कि कहानी रूपी नायिका को सौन्दर्य-शब्दों के आभूषण पहनाए जाएँ तो उसकी सुन्दरता और निखर जाएगी|
किरण जी से आगे और भी विधाओं में पुस्तक अपेक्षित है…वो कहते हैं न…जो अच्छा काम करते है, आशा भी उनसे ही रखी जाती है| साहित्य जगत की समृद्धि के लिए बधाई व शुभकामनाएँ किरण जी|
पुस्तक- प्रेम और इज़्ज़त’
प्रकाशक- अयन प्रकाशन
मूल्य-220/-
——-ऋता शेखर ‘मधु’

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s