तुम सुन लेना

प्रिय सुन लेना संगीत कभी ,
मेरे कंगन के खन- खन में |

महसूस स्वयं को कर लेना,
मेरी पायल की छन – छन में |

कह दूँ कैसे प्रियतम तुमसे
कि मैं याद तुम्हें कब करती हूँ ,

तुम तो रहते हो हरदम ही ,
मेरी हिय की हर धड़कन में ||

2 विचार “तुम सुन लेना&rdquo पर;

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