तुम्हारी याद

तुम्हारी याद आती है ,
तो सुध बुध खोने लगती हूँ |
हृदय में दर्द होता है,
तो छुपकर रोने लगती हूँ |

स्वप्न में आओगे तुम फिर,
इस विश्वास से निश्चिंत |
निशा की गोद में सर रख,
कर मैं सोने लगती हूँ ||

2 विचार “तुम्हारी याद&rdquo पर;

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