दिन रैन तुम्हारे

दिन रैन तुम्हारे संग मैं कल्पित प्रीत निभाती हूँ |
शब्दों में भर – भर प्रीत पिया नव गीत बनाती हूँ |

जी बहलाने के लिए प्रिय छेड़ती हूँ मैं सरगम ,
लय बद्ध फिर तुम्हें कर सुर में तुमको ही गाती हूँ ||

2 विचार “दिन रैन तुम्हारे&rdquo पर;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s