उड़ जा रे कबूतर

उड़ जा रे कबूतर चिट्ठी लेकर ,
साजन को मेरे दे देना |

पढ़ लेंगे जो वो उनसे उत्तर,
मेरी चिट्ठी का ले लेना |

पूछे जो हाल मेरा कहना ,
सब ठीक है सत्य नहीं कहना |

छूकर उनके चरण रज को,
ले आओ तभी मैं पहनूँ गहना ||

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