मेरे दिल के तार

मेरे दिल के तार तुमसे जुड़ गये न जाने कैसे ,
हुआ प्रेम मुझको चुपके – चुपके न जाने कैसे |

धड़कने मेरे दिल की धड़के तुम्हारे संग में ,
छेड़ देते तुम ज़रा भी झनके न जाने कैसे |

छाया जभी अंधेरा दिया तुमने रौशनाई,
जल गई यकीं की बाती तुमसे न जाने कैसे |

द्वार पर मेरे दिल के लगे हैं बहुत से पहरे,
फिर ख्वाब में तुम मेरे आ गये न जाने कैसे |

भावनाएँ मेरी हरदम महसूस की तुम्हें ही,
बंध गये शब्द खुद ही छंद में न जाने कैसे |

देखतीं न जब भी तुमको बेचैन मेरी आँखें
सावन के जैसे रिमझिम बरसे न जाने कैसे |

2 विचार “मेरे दिल के तार&rdquo पर;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s