बड़की बहिन

आज मुनिया कुछ ज्यादा ही खुश लग रही थी, उसके तो पैर ही जमीन पर नहीं पड़ रहे थे! बर्तन माजते हुए वह गुनगुना रही थी जो काफी कर्णप्रिय थे ! उसके चेहरे पर खुशी देखकर मुझे सुकून मिल रहा था क्योंकि बहुत दिनों के बाद तो उस बेचारी के चेहरे पर खुशी की एक झलक देखने को मिली थी!

अभागी के पिता गम्भीर बिमारी से ग्रसित थे जो चल बसे! इतना ही दुख क्या कम था जो उसकी माँ भी इस पीड़ा को नहीं सह सकी और उसकी भी हृदय गति रुकने के कारण मौत हो गया ! तब मुनिया की उम्र चौदह, बुचिया की बारह तथा मुन्ना का आठ वर्ष था! रिश्ते नातेदार आये और आँसू बहाकर दो संवेदनाओं के शब्द बोल औपचारिकता निभाकर चले गये!
चूंकि उनके रहने का कहीं ठिकाना नहीं था तो बहुत से रिश्तेदार उन्हें अनाथालय में रहने का सुझाव दे रहे थे तो कोई एक – एक को अपने साथ रखने के लिए कह रहे थे लेकिन मुनिया बोली कि हम लोग जहाँ भी रहेंगे तीनों भाई बहन साथ रहेंगे तो उसकी मौसी जो खुद ही गरीब थी अपनी बहन के तीनों बच्चों ( मुनिया, बुचिया, और मुन्ना) को अपने घर ले गई ! कुछ दिनों तक तो सब ठीक रहा लेकिन गरीबी की मारी मौसी के भी अपने दो बच्चे थे, एक गरीब आदमी सात लोगों को भरपेट भोजन कहाँ से जुटा सकता है सो कुछ दिनों बाद से कभी बासी रोटी तो कभी बासी चावल वो भी आधे पेट खाने को मिलने लगा! बुचिया खुद तो खा लेती थी और अपनी तकदीर को दोष देकर आँसू बहाकर सो जाती थी लेकिन उसे अपने बहन भाई का दुख बर्दाश्त नहीं हुआ सो दोनों बहन भाई को लेकर मौसी के घर से चुपके से भाग गई ! और शहर में आकर बर्तन बासन करके अपना गुजारा करने लगी तथा अपने भाई का ऐडमिशन अच्छे इंग्लिश मीडियम प्राइवेट स्कूल में करवा दी!
धीरे-धीरे मुनिया और बुचिया बड़ी होने लगी और लोगों की बुरी नजर उनपर पड़ने लगी! इस क्रम में उन्हें कई घर बदलने पड़े कुछ जगहों से तो निकाल दिये जाते थे और कुछ जगहों को खुद ही छोड़ देती थी!
अंत में उनकी मौसी पता लगाते – लगाते पहुंच ही गई खून का रिश्ता जो था कैसे चैन से रह सकती थी उसे तो मुनिया की शादी की चिंता सता रही थी इसलिए अपने ही पहचान में शादी की बात कर दी! लड़का खाते पीते घर का अच्छा था लेकिन मुनिया शादी करने से इसलिए मना कर दी कि मेरे भाई बहनों का क्या होगा जब मैं शादी कर लूंगी तो!
मुनिया जैसे ही बर्तन धोकर झाडू करने आई तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसकी खुशी का कारण पूछ लिया! फिर मुनिया कुछ शरमाती हुई सी बोली आज एक लड़का मुझे पसंद कर लिया है आंटी!
मैंने कहा कैसा है?
उसने कहा ठीक है आंटी थोड़ा उम्र बस ज्यादा है और उसकी पहली पत्नी उसे छोड़कर चली गईं है उसके दो बच्चे हैं!
मैंने कहा क्या..?
उससे शादी क्यों करोगी इतना अच्छा रिश्ता तुम्हारी मौसी लेकर आईं तो तुम शादी नहीं की और इस अधेड़ से…. मति मारी गई है तुम्हारी..?
फिर बुचिया हिचकिचाते हुए ही बोली वो इसलिए आंटी कि वो मेरे भाई बहनों को भी अपने साथ अपने घर में रखने के लिए तैयार है!

11 विचार “बड़की बहिन&rdquo पर;

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