बहुत इन्कार कर ली मैं

बहुत इन्कार कर ली मैं ,
चलो इकरार करती हूँ |

तुझे चाहा है मैंने भी,
सजन स्वीकार करती हूँ |

मैं जित देखूँ वहीं हो तुम,
वो चाहे दिन हो या रातें |

यही गर प्यार है तो मैं ,
भी तुमसे प्यार करती हूँ ||

5 विचार “बहुत इन्कार कर ली मैं&rdquo पर;

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