उम्र हो चाहे कोई भी

उम्र हो चाहे कोई भी प्यार करना लाजिमी है |
हो जरूरी तैर दरिया पार करना लाजिमी है ||

जो उन्हें तकलीफ़ हो तकलीफ मेरी देखकर तो |
मुस्कुराकर दर्द में श्रृंगार करना लाजिमी है ||

मानते हैं सच छुपाना है गलत लेकिन कभी तो |
इश्क में झूठा सही इन्कार करना लाजिमी है ||

अश्क आँखों को मिले वो भी मुझे मन्जूर है गर |
तोहफा है प्यार का स्वीकार करना लाजिमी है ||

छोड़ कर शर्मो हया मिलना जरूरी है अगर हम |
प्यार करते हैं तो अब इकरार करना लाजिमी है ||

2 विचार “उम्र हो चाहे कोई भी&rdquo पर;

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