सिंदूर का ये नाता

सिंदूर का ये नाता गहरा बहुत होता है ,
भर मांग प्रीत रंग से अपना बना लेता है |

चुटकी भर रंग उसका सात जन्म तक न छूटे,
ये रंग जादूगर है लाली चढ़ा देता है |

माथे सजी है बिंदी जैसे कि चाँद सितारे,
रातों को टिमटिमाकर ज्यों जगमगा देता है |

पायल लगे हैं बेड़ी पहनाया जैसे कोई,
आजीवन कैद करके प्यारा सजा देता है |

कंगन के संग चूड़ी लगतीं हैं हँथकड़ी सी,
पर प्रेम तो है छलिया कर खनखना देता है |

4 विचार “सिंदूर का ये नाता&rdquo पर;

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