बेटियों की माँ


न मारो बेटियों का गर्भ में भ्रुण बेटियों की माँ |
रखो उनका भी कुछ अधिकार अक्षुण्ण बेटियों की माँ |

दुनिया चाहती हैं देखना आने दो उनको भी ,
खोल दो द्वार कर लो साफ अब मन बेटियों की माँ |

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कि सखी साजन????

बहुत मुझे है उससे प्यार |
बिन उसके सूना श्रृंगार |

होठ लगे तो हिल जाय डिस्टिक |

कि सखी साजन????
न सखि लिपस्टिक |

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तोड़ कर सारे बंधन

मेरे भी कब्र पर बनते ताज पर ,
इश्क मेरा भी होता जांबाज गर |

तोड़ कर सारे बंधन चली आती मैं,
दी होती मुझे तुमने आवाज़ गर |

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ज्वैलरी

भतीजे की शादी में आने के लिए भैया – भाभी ने ज्यों ही न्योता भेजा मेरे तो सपनों के पंख लग गये! इन्हीं मांगलिक कार्यक्रमों में तो सभी रिश्ते – नातेदारों से मिलना हो पाता है! मौसी, चाची, बुआ, बहनें, सखियाँ, सहेलियाँ सभी एक साथ, एक जगह साथ में गाना – बजाना सोच – सोच कर मन रोमांचित हुआ जा रहा था ! साथ ही क्या पहनना है क्या गिफ्ट करना है

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